गाल मलो ना गुलाल मोरे बांके रसिया
हँसेगी रूप देखी देखि म्हारो सारी संखिया,
ना करो बरिजोरी ना कलईया मरोरो
भरी-भरी चूड़ी हाथ कांच की ना तोरो
दूर बाट होती रात बरसाने घर मोरो
छोड़ो ना डगर यॆ डरावे कारी रतिया
हँसेगी रुप…… ।
रैना अँधेरी बिजुरी चम-चम चमके
कैसे आऊं चोरी पायल छन-छनके
नन्द गली में ठाढ़े ग्वाले बन-ठनके
घर-घर होगी जाने कित-कित बतिया
हँसेगी ...............।
कारो-कारो बदरा बरस रह्यो रूम-झूम
जिया भरमावे है बंसुरिया मधुर धुन
छैल-छबीला करे जादू,टोना चुन-चुन
धीर नाहीं नींद नैना मारी गयी मतिया
हँसेगी ...............।
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