ध्यान में राम राम बस मन में राम नाम बस गये ----।
लम्बे केश खोल राह झाड़ती बुहारती
आस में बिछाये आँख राह है निहारती
इस राह चलके आयेंगे विश्वास है भगवान बस गये ---
ध्यान में राम राम बस मन में राम नाम ,बस गये ----।
जंगलों से तोड़ बेर फांड़ भर लाती
चख के मीठे-मीठे बेर दोनियां सजाती
करेंगे भोग प्रेम से विश्वास है भगवान,बस गये ----
ध्यान में राम राम बस मन में राम नाम बस गये ----।
कुश की चटाई शबरी नेह से संवारती
मगन हो भजती राम नाम राम को पुकारती
करेंगे धन्य आसन विश्वास है श्रीराम,बस गये ----
ध्यान में राम राम ब राम नाम मन में बस गये ----।
शैल सिंह
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