गुरुवार, 8 दिसंबर 2022

भोजपुरी आइटम गीत

कइले बा बदनाम हमें कमबख्त जवानी हो गईल
बांके नयन पर चढ़ल जोबन पर 
बिजुरी बदनवां हो गईल
कइले बा बदनाम हमें कमबख्त जवानी हो गईल ,

जबसे लागल साल सोलहवां राह चलल दुश्वार भईल 
दम-दम दमके चाँद सा मुखड़ा लोगन क बुरा हाल भईल
ना कवनों सिंगार ना मोतीयन के हार हुस्न गहनवां हो गईल 
कइले बा बदनाम हमें कमबख्त जवानी हो गईल ,

महुआ ऐसन गदरल जवानी जियरा के जंजाल भईल 
गाल गुलाबी नैन शराबी ओठ क लाली काल भईल 
बलखाती कमर पे तिरछी नजर पे कातिल कजरवा हो गईल
कइले बा बदनाम हमें कमबख्त जवानी हो गईल ,

मुड़-मुड़ के देखें मोहे बटोही मतवारी जब चाल भईल 
सीने से ढलके लाल दुपट्टा बाबा रे इ का हाल भईल 
नागिन सी लट पे अदा के झटके लट्टू जहनवा हो गईल
कइले बा बदनाम हमें कमबख्त जवानी हो गईल ।

शैल सिंह 


भजन " बनाओ ना बावरिया "

जमुना से गगरिया भर लाने दो -2
जमुना से गगरिया भर लाने दो श्याम
रोको ना डगरिया घर जाने दो रोको ----।

सांझ ढल आयी घिर आयी बदरिया
रात अँधेरी चमके चम-चम बिजुरिया 
छोड़ो ना कलईया,छोड़ो ना कलईया,घर जाने दो रोको --।

कारन तोरे संग छोड़ी सब गुजरिया
राह निरखती होगी मैया की नजरिया 
छोड़ो ना कन्हैया,छोड़ो ना कन्हैया घर जाने दो ---।

कोरी चुनरिया मोरी बारी उमरिया 
लागे डर अकेली कैसे जाऊँ घर संवरिया
पड़ूं तोरे पईंया,पड़ूं तोरे पईंया घर जाने दो ---।

जादू भरी अंखिया मन मोहरी बंसुरिया 
करो ना विवश मोहे बनाओ ना बावरिया 
होगी बदनामी सैंया,होगी बदनामी घर जाने दो---।

शैल सिंह 






भजन " राधा भई है बावरिया "

मधुसूदन मथुरा में छाये राधा ताकती डगरिया 
ले लो ना खबरिया स्वामी ले लो ना खबरिया ,

गायें,गलियां,गोपी,ग्वाले पूछें हाल तेरा 
बेहाल ब्रज के वासी बेचैन हाल मेरा 
सूना जमुना तट सूनी कदम छांव डरिया 
ले लो ना खबरिया स्वामी ले लो ना खबरिया ,

बोले ना कलाई कंगना बोले ना पैंजणियां
तुम बिन जमुना सूखी कैसे भरूँ पनियां
कांहे बरसाये नेहा बजाये क्यों बंसुरिया 
ले लो ना खबरिया स्वामी ले लो ना खबरिया ,

कांहे हँसी प्रीत मोसे लगाये मन मोहना
कुञ्ज संवरिया देखि राधा का भूले अंगना 
रोती हैं गुजरिया सारी राधा भई है बावरिया 
ले लो ना खबरिया स्वामी ले लो ना खबरिया ।

शैल सिंह 

भजन " मुदित मन से दोनों नाम,राम श्याम भज ले "

भज ले रे मनवां हरिनाम भज ले 
सियाराम भज ले राधेश्याम भज ले
मुदित मन से दोनों नाम,राम श्याम भज ले 
सियाराम भज ले,राधेश्याम भज ले,भज ले रे ----।

परनिन्दा,परित्याग कर अप्रिय वचन न बोल मन 
सत्य और निष्ठा की डगर पर बस तूं चल रे मन 
घट-घट में मिलेंगे रामश्याम भज ले
सियाराम भज ले,राधेश्याम भज ले,भज ले रे ----।

मद,लोभ,काम,क्रोध,ईर्ष्या,द्वेष,राग छोड़ मन
सद्गुणों को अंगीकार कर,दुर्गुणों से मुक्ति ले रे मन
साधना आराधना में रामश्याम भज ले
सियाराम भज ले,राधेश्याम भज ले,भज ले रे ----।

करले निर्मल अन्तर्मन आचरण को करले पावन
नियम,धर्म,संयम का जीवन में करले पालन 
लक्ष्य होंगे सिद्ध सारे रामश्याम भज ले
सियाराम भज ले,राधेश्याम भज ले,भज ले रे ----।

शैल सिंह 







शिव भजन

भोले शंकर का सजा दरबार 
चलो री सखी देखन चलो
अद्भुत छटा बेमिसाल 
चलो री सखी देखन चलो
लगी भीड़ है अपरम्पार 
चलो री सखी देखन चलो ।

आया तेरे दर पर तेरी दरश को
भूखा,लंगड़ा,लाचार
चलो री सखी देखन चलो,भोले शंकर का ----।

भांग चढ़ावें सब नर नारी
शिवजी लुटावें प्यार
चलो री सखी देखन चलो,भोले शंकर का ----।

कोई बजावे ढोल,मंजीरा
कोई झूम के गावे मल्हार 
चलो री सखी देखन चलो,भोले शंकर का ----।

गौरी शिवशंकर लगें अलबेला
सारी अँखिया हैं अपलक निहार 
चलो री सखी देखन चलो,भोले शंकर का ----।

शैल सिंह 

मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

कन्हैया भजन

मैया तेरो कृष्ण कन्हैया नटखट बड़ा शैतान 
फोड़ दी मटकी खा गयो माखन बड़ा कियो रे परेशान 
छिपा है कहाँ बता शैतान --2

जमुना किनारे वंशी बजाना बैठ कदम की डरियन पे
गउवा चराना निरा बहाना चीर चुराना छोरियन के 
सब सखियाँ मनुहार करें बड़ा कियो रे हैरान
छिपा है कहाँ बता शैतान --2

नन्दलाल तेरो बड़ा उत्पाती रार करे ब्रज गलियन में
ग्वाल बाल संग शोख शरारत रास रचावे गोपियन में
कैसी-कैसी लीला ठग की तूं बड़ी बनो रे अनजान 
छिपा है कहाँ बता शैतान --2

पकड़ गई चितचोर की चोरी मुख माखन लिपटा दधियन से
कान पकड़ कान्हा भरमाते आँसू भरि-भरि अँखियन से
मैं बालक बहियन को छोटो बड़ा बनो रे नादान 
छिपा है कहाँ बता शैतान --2

श्याम भजन

कैसा जादू है तुझमें सांवरिया
तेरी चाहत में हो गई बवरिया 

जमुना किनारे जल भरने के बहाने
गई श्याम आओगे गउवा चराने 
बेख़याली में डूबी गगरिया 
मैं तो हो गई बवरिया,कैसा जादू है ---।

थिरकने लगे पांव मुरलीधर की धुन पे
कैसै ना झूमूँ मधुर तान सुनके
बेशरम छन से टूटी पयलिया 
मैं तो हो गई बवरिया,कैसा जादू है ---।

कहाँ जा छुपे हो नटखट कन्हैया
नगर-डगर ढूंढ़े है यशोमती मैया
कितनी बेचैन ब्रज की गुजरिया
मैं तो हो गई बवरिया,कैसा जादू है ---।

तुम्हारी कसम अब ना चुगली करेंगे
माखन मलैया भरि मटकी रखेंगे 
जरा फिर से बजा दो बंसुरिया
मैं तो हो गई बवरिया,कैसा जादू है ---।

शैल सिंह