अपनी कृपा बरसा दो अम्बे मां
वास करो आ हृदय कुन्ज में मेरे
अपनी सेविका बना लो अम्बे मां ।।
दुःख दर्द हरो मन का खड्ग खप्पर वाली मां
गुणगान करूं तेरा अन्नपूर्णा अम्बे भवानी मां
रूप अनेक मां तेरे तूं आदिशक्ति की अवतार
अपरम्पार है तेरी महिमा
मिटा दे मन का अंधियार ।।
हर भक्त डूबा भक्ति में सजा के चौकी चौबारा
तेरे नाम की घण्टी बाजे हर घर गूंजे जयकारा
सुख समृद्धि से भर आंचल फले फूले परिवार
संसार झुका तेरे चरणों में
कर दे नई उर्जा का संचार ।।
तेरे दरबार से जाऊं ना खाली भर दे झोली मां
वंश बेलि बढ़ा मेरी अब तक बहुत हूॅं रो ली मां
वंदन अर्चन स्वीकार करो लाचार खड़ी तेरे द्वार
मंझधार फंसी मेरी नैया
मां तारिणी लगा दे पार ।।
मेरे सोये भाग्य जगा दो इक तुझसे आसरा मां
अवगुण देखो न मेरे मैं निर्गुणिया कालिका मां
सर्वशक्तिमान कल्याणी नारायणी ज्योतांवाली
दरश दो खोल किवाड़
खोलो किस्मत के द्वार ।।
शैल सिंह
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